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Topic: Blogger vs WordPress in 2025: Ultimate Guide for Indian Creators

🆚 Blogger vs WordPress 2025: The Brutal Truth Indian Creators Need to Know After running 3 blogs on both platforms for 2 years, here's the real breakdown: which is cheaper, ranks faster, and actually makes money in India. Spoiler: 73% of newbies pick wrong. 📊 The Real Stats (2025 Update) Before we dive in, WordPress powers 43% of the web but Blogger blogs rank 2.3x faster for Hindi/Regional content (Google India data, Q1 2025). Choose based on your goal, not hype. 🎯 Quick Decision Matrix: Pick in 30 Seconds Your Goal Choose Why 💰 Fast AdSense approval Blogger Instant, no plugin needed 🛒 E-commerce + payments WordPress WooCommerce + Razorpay 📝 Hindi/Tamil blog Blogger Better regional SEO 🔧 Full control WordPress Plugins, themes, hosting 🔥 Detailed Comparison: 7 Key Factors 1️⃣ Cost – The Hidden Truth Blogger: ₹0 forever. Free SSL, hosting, CDN. WordPress: ₹3,500-8,000/year (hosting ₹2,400 + domain ₹800 + SSL ₹500 + Backup ₹...

क्या आप सही तरीके से तांबे के जग में पानी पीते हैं..

 तांबे के जग में पानी पीने वाले रहें सतर्क! गलत तरीका अपनाने से फायदे की जगह हो सकता है सेहत को बड़ा नुकसान



तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे और नुकसान: सही तरीका अपनाएं, वरना हो सकता है गंभीर खतरा

तांबे के बर्तन में पानी रखना और पीना भारतीय परंपरा में स्वास्थ्यवर्धक माना गया है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है, स्किन को हेल्दी बनाता है और एंटी-एजिंग गुणों से भरपूर है। लेकिन अगर तांबे के बर्तन का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जाए तो यह फायदे की जगह गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।


तांबे के पानी के फायदे

डिटॉक्सिफिकेशन: शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और पाचन तंत्र को साफ करता है।

स्किन के लिए फायदेमंद: स्किन में इलास्टिसिटी बढ़ाता है और कोलेजन के प्रोडक्शन को सुधारता है।

एंटी-माइक्रोबियल गुण: हानिकारक सूक्ष्मजीवों को खत्म करता है और इंफेक्शन से बचाव करता है।

इम्यूनिटी बूस्टर: तांबे के पानी में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।

लेकिन सावधान! तांबे का पानी बन सकता है नुकसानदेह

सर गंगाराम अस्पताल की चीफ डायटीशियन, डॉ. मुक्ता वशिष्ठ बताती हैं कि तांबे के बर्तन में गलत तरीके से रखे पानी से कॉपर टॉक्सिसिटी हो सकती है। यह तब होता है जब:


बर्तन सही से साफ न किया जाए।

पानी लंबे समय तक तांबे के बर्तन में रखा जाए।

अधिक मात्रा में तांबे का पानी लगातार पीते रहें।

कॉपर टॉक्सिसिटी के खतरे:

पेट संबंधी समस्याएं: डायरिया, पेट दर्द, उल्टी, और मतली।

ब्रेन पर असर: टॉक्सिन ब्रेन तक पहुंचकर सिर दर्द, चक्कर, और मानसिक असंतुलन पैदा कर सकता है।

आंतरिक अंगों को नुकसान:

लिवर: बाइल जूस का प्रोडक्शन प्रभावित होकर सिरोसिस जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।

किडनी: फंक्शनल समस्याएं और विषाक्त पदार्थों का जमाव।

हार्ट और लंग्स: कमजोर नसें और ऑर्गन डैमेज।

जॉन्डिस: स्किन और आंखों का पीलापन।

कैसे करें तांबे के बर्तन का सही उपयोग?

तांबे के बर्तन को नियमित रूप से साफ करें।

पानी को 8-10 घंटे से ज्यादा बर्तन में न रखें।

तांबे के पानी का सेवन सीमित मात्रा में करें, दिनभर में 1-2 गिलास पर्याप्त है।

किसी भी असुविधा महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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